सुन्नी अवधारणाओं का सारांश किसी धार्मिक सिद्धांत को समझने से मन स्वतंत्र नहीं होता सुन्नियों और समुदाय के अनुसार, विश्वास का कोई मौलिक सिद्धांत होना असंभव है मन अपनी धारणा और प्रमाण में स्वतंत्र है यह उनके और अशआरियों के बीच सबसे प्रमुख पद्धतिगत अंतरों में से एक है अतः उन्हें मान्यताओं को धार्मिक एवं तर्कसंगत में विभाजित करने की आवश्यकता नहीं पड़ी सुन्नी अवधारणाओं का सारांश