WEBVTT

00:00:00.180 --> 00:00:09.250
सुन्नी अवधारणाओं का सारांश

00:00:09.250 --> 00:00:15.859
व्यर्थ लड़की बुराई को वैध बनाती है और उसे समाज में स्थापित करती है

00:00:15.859 --> 00:00:18.859
चाहे समाज में कितनी भी बुराई फैल जाए

00:00:18.859 --> 00:00:21.859
यह केवल इसके विधान द्वारा स्थापित होता है

00:00:21.859 --> 00:00:23.859
और बुराई की दुनिया इसका विधान करती है

00:00:23.859 --> 00:00:27.859
अपने फतवे से सच को झूठ से भ्रमित कर रहे हैं

00:00:27.859 --> 00:00:29.859
या सच छुपा कर

00:00:29.859 --> 00:00:31.859
और उसकी चुप्पी इनकार है

00:00:31.859 --> 00:00:36.859
लोग उनकी चुप्पी को बुराई का विधान और अनुमोदन मानते हैं

00:00:36.859 --> 00:00:39.890
सबसे खतरनाक और गंभीर बात तो यही है

00:00:39.890 --> 00:00:43.890
यदि दुष्ट संसार सर्वशक्तिमान शासक के साथ मिलकर उसके विरुद्ध षडयंत्र रचता है

00:00:43.890 --> 00:00:48.890
इससे शरिया कानून खत्म हो रहा है और अवधारणाएं बदल रही हैं

00:00:48.890 --> 00:00:53.500
सुन्नी अवधारणाओं का सारांश
