1 00:00:00,180 --> 00:00:08,859 सुन्नी अवधारणाओं का सारांश 2 00:00:08,859 --> 00:00:13,109 लापरवाही और मनमुटाव 3 00:00:13,109 --> 00:00:17,109 लापरवाही बर्बादी और लापरवाही है 4 00:00:17,109 --> 00:00:19,109 और परलोक में उसकी सज़ा 5 00:00:19,109 --> 00:00:21,109 दिल टूटना और अफसोस 6 00:00:21,109 --> 00:00:23,140 सर्वशक्तिमान ईश्वर ने कहा 7 00:00:23,140 --> 00:00:27,140 जिन्होंने ईश्वर से मिलन को नकार दिया, वे हार गये 8 00:00:27,140 --> 00:00:31,140 यहाँ तक कि जब उनके पास अचानक घड़ी आ जाती है 9 00:00:31,140 --> 00:00:36,140 उन्होंने कहाः हमने जो कुछ उपेक्षित किया उसका हमें कितना खेद है 10 00:00:36,140 --> 00:00:42,140 यानी, जन्नत में जो काम हमसे छूट गया उसके लिए हमारा पछतावा और उसमें हमारी कमियाँ 11 00:00:42,140 --> 00:00:46,750 सुन्नी अवधारणाओं का सारांश