भगवान को सौ बार मिलाने का इनाम क्या है? ईश्वर के दूत, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, कहा किसने कहा? कोई ईश्वर नहीं है, केवल ईश्वर ही है, जिसका कोई साथी नहीं है राज्य उसी का है और प्रशंसा भी उसी की है वह हर चीज़ पर शक्तिशाली है दिन में सौ बार उसके दस दास थे उसके लिए एक सौ अच्छे काम दर्ज किए गए उसके सौ बुरे कर्म मिट गये यह शैतान से उसकी सुरक्षा थी उस दिन शाम तक उसने जो किया उससे बेहतर कोई नहीं आया सिवाय इसके कि किसी ने इससे अधिक कुछ नहीं किया