WEBVTT

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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश

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विश्वास ही विजय का कारण और हेतु है

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पाठ में कहा गया है कि भगवान की जीत विश्वासियों के लिए होगी

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यह इंगित करता है कि विश्वास ही ईश्वर की विजय का कारण और कारण है

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यदि नसरल्लाह अनुपस्थित या विलंबित है

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ऐसा कारण में कमी के कारण होता है

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आस्था महज़ एक निमंत्रण और दिखावा हो सकती है

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उसकी सच्चाई और उसके मुखबिर से रहित

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तब अविश्वास की वास्तविकता उस पर हावी हो जाती है

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क्योंकि किसी भी चीज़ की वास्तविकता उसके दिखावे से ज़्यादा मजबूत होती है

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भले ही वो अविश्वास का सच हो

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वह आस्था की अभिव्यक्ति थे

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लेकिन जब सच्ची आस्था जागती है

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यह झूठ को उसके सभी झूठ और धोखे से हरा देता है

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बल्कि, हम सत्य को असत्य पर उछालते हैं और वह उसे नष्ट कर देता है

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तो वह ऊब गया था
