सुन्नी अवधारणाओं का सारांश उन्मूलन की पीड़ा के स्थान पर यातना और आंशिक विनाश फिरौन और उसके लोगों के विनाश के बाद उन्मूलन की पीड़ा हटा ली गई यह अन्य प्रकार की पीड़ा और आंशिक विनाश की घटना से इनकार नहीं करता है जैसे युद्ध जो कुछ देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नष्ट कर देते हैं और उनके पतन का कारण बनते हैं जैसा कि सोवियत संघ के नाम से जाने जाने वाले देश में हुआ था जिसकी कभी किसी को उम्मीद नहीं थी कि वह ढह कर बिखर जाएगा यह विश्व की दूसरी शक्ति है यह एक प्रकार की पीड़ा और आंशिक विनाश भी है भूकंप, सुनामी और ज्वालामुखी आते हैं बल्कि, ऐसी बीमारियाँ जिन्हें ध्यान में नहीं रखा जा सकता जैसा कि कोरोना वायरस के मामले में है और तुम्हारे रब के सिपाहियों को उसके सिवा कोई नहीं जानता