सुन्नी अवधारणाओं का सारांश नाजीवाद जर्मन राष्ट्रीय आंदोलन इसका उदय जर्मनी की पराजय के बाद हुआ प्रथम विश्व युद्ध में जो मेरे वर्षों के बीच था 14 नौ सौ एक हजार ई.पू 18 नौ सौ एक हजार ई.पू और उसमें आर्थिक मंदी का संकट इस आंदोलन के लिए एक राजनीतिक दल की स्थापना की गई सन् एक हजार नौ सौ उन्नीस ई. में इसका नाम है जर्मन वर्कर्स पार्टी उन्होंने सोशल डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाया युद्ध में जर्मन की हार के कारण उन्होंने राष्ट्रीय विचार बनाने का प्रयास किया जर्मन समाजवादी एडॉल्फ हिटलर शामिल हुए अपनी स्थापना के वर्ष में पार्टी को सना, दल की नेता, सन् 20, नौ सौ एक हजार ई.पू अपना नाम बदल कर नेशनल सोशलिस्ट जर्मन लेबर पार्टी को इसके बाद हिटलर ने शीघ्र ही पार्टी का नेतृत्व अपने हाथ में ले लिया वर्ष एक हजार नौ सौ इक्कीस ई.पू उनके संगठनात्मक और वक्तृत्व कौशल के लिए वह पार्टी के लोकप्रिय आधार का विस्तार करने में सक्षम थे सन् एक हजार नौ सौ चौबीस ई.पू. में यहाँ तक कि उसने जर्मन संसद पर भी कब्ज़ा कर लिया सन् एक हजार नौ सौ उनतीस ई. में हिटलर ने एक महान जर्मनी की स्थापना का सपना देखा था आर्य जाति की श्रेष्ठता एवं श्रेष्ठता के आधार पर उसने देश पर अपना पूर्ण नियंत्रण पूरा कर लिया सन् 1933 ई. में उन्होंने वह स्थापित किया जिसे नेता राज्य या तीसरे राज्य के रूप में जाना जाता था फिर इसने जल्द ही देश को द्वितीय विश्व युद्ध में झोंक दिया वर्ष 39 से नौ सौ एक हजार ईसवी के बीच 45 नौ सौ एक हजार ई.पू इसका अंत भी जर्मनों की पराजय के साथ हुआ हिटलर ने आत्महत्या कर ली उनके बाद पार्टी के सभी नेताओं ने आत्महत्या कर ली जर्मनी और ऑस्ट्रिया में नाज़ीवाद को आपराधिक घोषित कर दिया गया और उसके विचारों को फैलाने के लिए कानूनी सज़ा