सुन्नी अवधारणाओं का सारांश पश्चिम द्वारा इस्लाम की भूमि में लोकतंत्र को बढ़ावा देना पश्चिम मुस्लिम देशों में लोकतंत्र को बढ़ावा देने में सक्षम था मुक्ति, अत्याचार के प्रतिरोध और मानवाधिकारों के बहाने इन तमाम दावों के पर्दे के पीछे मुस्लिम देशों में लोकतंत्र का प्रसार हुआ लोगों को संप्रभुता सौंपने में उन्होंने पश्चिम की नकल की जैसा कि लोकतंत्र का सिद्धांत है, जिसे ईशनिंदा माना जाता है शरिया को संप्रभुता देने के बजाय जैसा कि इस्लाम में होता है सुन्नी अवधारणाओं का सारांश