सुन्नी अवधारणाओं का सारांश कुरान पर दोबारा चिंतन करना और उसे सही ढंग से समझना जरूरी है हमारे वर्तमान युग में इस्लाम के प्रति कमज़ोर आस्था और अज्ञानता इससे कुरान के अर्थों की ग़लतफ़हमी पैदा हुई जिसके लिए कुरान के चिंतन को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है और पहले इसे सही हदीस की व्याख्या के अनुसार समझें उसके बाद अरबी भाषा और उसकी शैलियाँ दूसरे स्थान पर हैं सुन्नी अवधारणाओं का सारांश