सुन्नी अवधारणाओं का सारांश इस प्रलोभन का विरोध करें एकमात्र चीज़ जो इस प्रलोभन का विरोध कर सकती है वह है सर्वशक्तिमान ईश्वर की पुस्तक का पालन करना और उस पर चिंतन करना यह स्पष्ट रूप से इसकी अमान्यता बताता है इसमें विश्वासियों के मार्ग की व्याख्या है और अपराधियों को रास्ता दिखा रहे हैं यदि यह ईश्वर की किताब और उसके दूत की सुन्नत है, तो ईश्वर उसे आशीर्वाद दे और उसे शांति प्रदान करे इसका स्रोत मार्गदर्शन एवं ग्रहण करना है ऐसी दुर्भावनापूर्ण कॉलों से मूर्ख न बनें सर्वशक्तिमान ईश्वर ने कहा और यह मेरा सीधा मार्ग है, अत: इसी पर चलो और मार्गों पर न चलो, ऐसा न हो कि वे तुम्हें उसके मार्ग से अलग कर दें उसने तुम्हें यही आदेश दिया है, कि तुम धर्मी बनो उन्होंने कहा, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें मैं तुम्हारे पास दो आज्ञाएँ छोड़ गया: जब तक तुम उन्हें पकड़े रहोगे, तब तक तुम भटकोगे नहीं ईश्वर की किताब और उसके दूत की सुन्नत राष्ट्र के विद्वानों एवं उपदेशकों की क्या आवश्यकता है लोगों को इस दुर्भावनापूर्ण कॉल का सच समझा रहे हैं यह वही है जो ईश्वर ने ज्ञानी लोगों पर थोपा है लोगों को सत्य और असत्य को स्पष्ट करके न कि छिपाकर सर्वशक्तिमान ईश्वर ने कहा पुस्तक की वाचा उनसे नहीं ली गई थी सत्य के अतिरिक्त ईश्वर के विषय में कुछ भी मत कहो और सर्वशक्तिमान ईश्वर ने कहा और जब परमेश्वर ने उन लोगों से वाचा ली, जिन्हें पुस्तक दी गई थी ताकि तुम उसे लोगों पर स्पष्ट कर दो और छिपा न रखो सुन्नी अवधारणाओं का सारांश