1 00:00:00,180 --> 00:00:09,539 सुन्नी अवधारणाओं का सारांश 2 00:00:09,539 --> 00:00:12,539 जिसने सुनी बात तो समझ ली लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हुआ 3 00:00:12,539 --> 00:00:17,429 जो कोई समझता है, परन्तु न सुनने से, न बुद्धि से उसे कुछ लाभ होता है 4 00:00:17,429 --> 00:00:20,429 ऐसा लगा जैसे उसने सुना ही नहीं, समझा ही नहीं 5 00:00:20,429 --> 00:00:22,429 नर्क के लोगों ने कहा 6 00:00:22,429 --> 00:00:28,429 यदि हमने सुना होता या तर्क किया होता तो हम ब्लेज़ के साथियों में से नहीं होते 7 00:00:28,429 --> 00:00:33,429 यह इनकार उनकी सुनने की क्षमता की खराबी और उनके दिमाग की भ्रष्टता के कारण है 8 00:00:33,429 --> 00:00:38,100 सुन्नी अवधारणाओं का सारांश