सुन्नी अवधारणाओं का सारांश जिसने सुनी बात तो समझ ली लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हुआ जो कोई समझता है, परन्तु न सुनने से, न बुद्धि से उसे कुछ लाभ होता है ऐसा लगा जैसे उसने सुना ही नहीं, समझा ही नहीं नर्क के लोगों ने कहा यदि हमने सुना होता या तर्क किया होता तो हम ब्लेज़ के साथियों में से नहीं होते यह इनकार उनकी सुनने की क्षमता की खराबी और उनके दिमाग की भ्रष्टता के कारण है सुन्नी अवधारणाओं का सारांश