1 00:00:00,180 --> 00:00:08,800 सुन्नी अवधारणाओं का सारांश 2 00:00:08,800 --> 00:00:12,859 सत्य का प्रचार करने का मिशन 3 00:00:12,859 --> 00:00:14,859 यह सत्य के लोगों का मिशन है 4 00:00:14,859 --> 00:00:18,859 इस धर्म का स्पष्ट संचार एक विश्वास और एक कानून है 5 00:00:18,859 --> 00:00:20,859 और लोगों को इसके लिए मार्गदर्शन करें 6 00:00:20,859 --> 00:00:24,859 आपत्तिकर्ताओं की आपत्तियां उन्हें ऐसा करने से नहीं रोक पाएंगी 7 00:00:24,859 --> 00:00:30,859 उनके द्वारा चुने गए विशिष्ट साक्ष्यों की माँगों और विकल्पों में उनकी जिद 8 00:00:30,859 --> 00:00:34,859 सत्य का संचार करने में उनके लिए साक्ष्य के साथ सत्य की व्याख्या करना ही पर्याप्त है 9 00:00:34,859 --> 00:00:38,859 आपत्तिकर्ताओं की आपत्ति से उन्हें कोई नुकसान या झटका नहीं लगता 10 00:00:38,859 --> 00:00:40,859 सर्वशक्तिमान ईश्वर ने कहा 11 00:00:40,859 --> 00:00:53,859 शायद तुम जो कुछ तुम पर उतरा है उसमें से कुछ को छोड़ रहे हो और तुम्हारा दिल उससे व्यथित हो, और कह रहा हो, "काश उस पर कोई खज़ाना उतारा गया होता या उसके साथ कोई फ़रिश्ता आया होता।" 12 00:00:53,859 --> 00:00:56,890 परन्तु तुम तो सचेत करनेवाले हो 13 00:00:56,890 --> 00:00:59,890 और ईश्वर हर चीज़ का निपटानकर्ता है 14 00:00:59,890 --> 00:01:05,530 सुन्नी अवधारणाओं का सारांश