सुन्नी अवधारणाओं का सारांश बहुमत की राय पर विचार नहीं किया जाता सिवाय इसके कि जो विरोधाभासी न हो खरी सच्चाई किसी भी चीज़ पर वोट देना मान्य नहीं है यह कानून और सच्चाई का उल्लंघन करता है बहुमत महत्वपूर्ण है केवल उसी में जो उल्लंघन न करता हो खरी सच्चाई लेकिन अगर यह सत्य के विपरीत है फिर बन जाता है शून्य यह बहुमत की राय थी अग्रिम और सही मायने में लूत के लोग लूत से बेहतर होते फिरौन मूसा से बेहतर है सुन्नी अवधारणाओं का सारांश