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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश

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विश्वासियों और अविश्वासियों के बीच दिन बदलने का वर्ष

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यह विश्वासियों के संबंध में परमेश्वर की बुद्धि और नियमों का हिस्सा है कि उन्हें एक बार पुरस्कृत किया जाना चाहिए

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अर्थात वे अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे और पुनः पराजित होंगे

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यानी उनके बेवफा दुश्मन कभी-कभी उन पर हावी हो जाते हैं

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परन्तु इसका परिणाम नेक और पवित्र लोगों के लिये होगा

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सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने इस वर्ष में कहा

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यदि कोई व्रण तुम्हें छू गया, तो उसके समान ही किसी व्रण ने लोगों को पीड़ित कर लिया है

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हम उन दिनों को लोगों के बीच बदलते रहते हैं

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और यह कि परमेश्वर उनको जान ले जो ईमान लाए और तुम से गवाह ले आए

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भगवान को गलत काम करने वाले पसंद नहीं हैं

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जब हेराक्लियस ने अबू सुफियान से कुरैश और दूत के बीच लड़ाई की स्थिति के बारे में पूछा, तो भगवान उसे आशीर्वाद दें और उसे शांति प्रदान करें

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अबू सुफ़ियान ने उत्तर दिया कि उनके बीच युद्ध एक विवाद था जो प्रत्येक पक्ष को दूसरे के विरुद्ध प्रभावित करता था

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हेराक्लियस ने कहा, "तब इसी प्रकार दूतों की भी परीक्षा होगी, और फिर परिणाम उनका होगा।"

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यह सुन्नत ईसाइयों को भी मालूम थी

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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश
