ईश्वर के नाम पर, परम दयालु, परम दयालु अल-तबारी की व्याख्या से निष्कर्ष इसका सारांश डॉ. अकील बिन सलेम अल-शम्मारी द्वारा किया गया था सूरत अल-फ़िल ईश्वर के नाम पर, परम दयालु, परम दयालु क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे रब ने हाथी के मालिकों के साथ कैसा व्यवहार किया? क्या उसने उनकी योजनाओं पर छाया नहीं डाली? और उस ने उनके विरूद्ध पक्षियों के झुण्ड भेजे आप उन पर शेल पत्थर फेंकते हैं अत: उसने उन्हें भूसे के समान बना दिया हे मुहम्मद, क्या तुमने अपने दिल की आँखों से नहीं देखा? तो तुम देखोगे कि तुम्हारे रब ने हाथी के मालिकों के साथ कैसा व्यवहार किया यमन से आये लोग अबीसीनिया से काबा को नष्ट करना चाहते हैं इनका मुखिया अब्राहा अल-हबाशी अल-आश्रम है क्या अबीसीनिया के प्रयास ने हाथी के मालिकों को काबा की छाया को नष्ट करने के लिए बाध्य नहीं किया? यानी, जो वे चाहते थे उससे उन्हें दूर करने में और तोड़फोड़ करने की कोशिश की और तुम्हारे रब ने उन पर तितर-बितर परिंदे भेजे वे अलग-अलग तरीकों से एक-दूसरे का अनुसरण करते हैं ये पक्षी भगवान द्वारा भेजे गए तीरों को हाथी के मालिकों पर फेंकते हैं मिट्टी के पत्थरों के साथ इसलिये परमेश्वर ने हाथी के मालिकों को उस बीज के समान बनाया जिसे पशु और उसका शिकार खा जाते थे वह सूख गया और उसके हिस्से बिखर गये उन्हें मिली सज़ा के कारण वे लगभग टुकड़े-टुकड़े हो गए थे और उनके शरीरों के अरब इससे अलग हो जाते हैं फसल के ढेर से निकले खाद के कुछ हिस्सों को फैलाकर तफ़सीर अल-तबरीन से निष्कर्ष