सुन्नी अवधारणाओं का सारांश बौद्धिक आक्रमण यह एक सटीक अभिव्यक्ति है इसमें मुस्लिम देशों पर काफिरों द्वारा किये गये एक प्रकार के आक्रमण को दर्शाया गया है लेकिन इस मामले में उनका हथियार सैन्य हथियार नहीं है बल्कि यह विकृत विचारों वाले विचारों का आक्रमण है और ऐसे संदेह जिनका उद्देश्य मुसलमानों को उनके धर्म से भटकाना था और उनकी धारणाओं और अवधारणाओं को विकृत करते हैं यह एक नरम आक्रमण है जिसका ख़तरा शायद कई मुसलमानों को महसूस नहीं होगा यह सैन्य आक्रमण से इस मायने में भिन्न है कि यह हर समय जारी रहता है यह सैन्य आक्रमण की तरह धीमा नहीं पड़ता कोई भी मुस्लिम देश इस प्रकार के आक्रमण से नहीं बचा शत्रु अपनी सारी जानकारी और संज्ञानात्मक क्षमताओं का उपयोग करता है आर्थिक और अन्य मामले जो संदेह पैदा कर सकते हैं यह मुसलमानों के विश्वास और नैतिकता को कमजोर करता है इस्लामी लोगों को विघटित करने और उन्हें उनके धर्म और पहचान से अलग करने के उद्देश्य से एक विकृत राक्षस, पराधीन, सेवक बनना वह काफ़िरों और उनके सहयोगियों को नेतृत्व देता है