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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश

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दुनिया देखती है कि लोग उनकी बात को कैसे समझते हैं

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यह एक विद्वान के दिमाग की परिपूर्णता है कि वह क्या कहता है और लोग उसके बारे में इसे कैसे समझते हैं

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न कि यह उसके मुँह से कैसे निकलता है

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कितने झूठ सच बनकर सामने आते हैं

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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश
