सुन्नी अवधारणाओं का सारांश सामान्यीकृत सोच इस प्रकार की सोच जल्दबाज़ी और जल्दबाज़ी में की गई सोच का परिणाम है जहां कुछ लोग सोचते हैं कुछ व्यक्तियों द्वारा की गई स्थितियों का सामान्यीकरण करना सामान्य तौर पर, जिस जीनस से ये व्यक्तिगत व्यक्ति संबंधित हैं जो कोई अपने कुछ सदस्यों के पदों को लेकर पूरी जनजाति के लोगों या पूरे राष्ट्र के लोगों की आलोचना करता है एक बार इस जनजाति या राष्ट्र के कुछ व्यक्ति इन स्थितियों में पड़ गये यह एक तरह का अन्याय और आक्रामकता है.' सुन्नी अवधारणाओं का सारांश