सुन्नी अवधारणाओं का सारांश तौलना और तराजू लगाना ऐसी मान्यता है कि तराजू पुनरुत्थान के दिन स्थापित किया जाएगा इसमें लोगों और उनके कर्मों को तौला जाता है जैसा कि सर्वशक्तिमान ईश्वर ने कहा था और हम पुनरुत्थान के दिन के लिए उचित संतुलन स्थापित करेंगे किसी भी आत्मा के साथ बिल्कुल भी अन्याय न हो चाहे राई के दाने के बराबर भी हो, हम ले आएंगे हमारे लिए गणनाकर्ता होना ही काफी है और सर्वशक्तिमान ने कहा जिनका पलड़ा भारी होता है वही सफल होते हैं और जिनके तराजू हल्के होते हैं वही लोग होते हैं वे स्वयं को हमेशा के लिए नरक में खो देते हैं सुन्नी अवधारणाओं का सारांश