सुन्नी अवधारणाओं का सारांश तर्क-वितर्क एवं असहमति के दुष्परिणाम वाद-विवाद करने से अनेक दुष्परिणाम होते हैं सबसे महत्वपूर्ण में से एक सबसे पहले असत्य के प्रति राग व असहिष्णुता का प्रवेश तथा सत्य का तिरस्कार शैतान इसका फायदा मुसलमानों को परेशान करने और विभाजित करने के लिए करता है दूसरी बात दिल की कठोरता और काम के बजाय तर्क-वितर्क में व्यस्त रहना और इसके बाद के जीवन में क्या फायदेमंद है तीसरा अनेक पाखण्डों एवं मिथ्याचारों का उदय ऐसा इसलिए है क्योंकि गुमराह लोग अपने गुमराह होने और पाखंड को घोषित करने के लिए तर्कों का उपयोग करते हैं चौथा बहस करने वाले का अन्याय और जिनके साथ वह विवाद करता है उनके प्रति उसकी आक्रामकता वह स्वयं की प्रशंसा करता है और इसके बारे में डींगें मारता है सुन्नी अवधारणाओं का सारांश