सुन्नी अवधारणाओं का सारांश जिहाद अल-बयान जिहाद का आधार सर्वशक्तिमान ईश्वर का कथन है इसलिए काफ़िरों की बात न मानें और उनसे बड़े संघर्ष के साथ मुकाबला करें अर्थात्, पवित्र कुरान, तर्क और स्पष्टीकरण के साथ उनके खिलाफ संघर्ष करें इस आयत का ज़िक्र तलवार का जिहाद थोपे जाने से पहले किया गया है जिहाद अल-बयान का अर्थ है लोगों को सच्चाई समझाना और उन्हें इसकी ओर बुलाना झूठ को समझाना और इसके प्रति सचेत करना यह तलवार के जिहाद से बेहतर नहीं तो उससे कम महत्वपूर्ण भी नहीं है यह भी तलवार के जिहाद से कम खतरनाक और परीक्षा नहीं है बयान का जिहाद निरंतर है, और तलवार का जिहाद विशिष्ट समय पर है सुन्नी अवधारणाओं का सारांश