WEBVTT

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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश

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पूर्व-इस्लामिक रीति-रिवाज में यथार्थवाद

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यह मान्यताओं एवं नैतिकता के आदर्शों एवं आदर्शों से विमुख हो रहा है

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यह दावा करते हुए कि यह अवास्तविक और अनुपयुक्त है

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वह व्यक्ति और उसकी प्रवृत्तियों और इच्छाओं को छोड़ देता है

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यह दावा करते हुए कि यह उनके लिए हकीकत है

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इसका अर्थ पूर्व-इस्लामिक विचार में यथार्थवाद भी है

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जिस रास्ते भी मिले, लाभ की तलाश में

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हर बातचीत से नैतिकता को ख़त्म करना

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चाहे वह राजनीति की दुनिया हो या अर्थशास्त्र की

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या फिर सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते

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इसका अर्थ उनके लिए यथार्थवाद भी है

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सांसारिक जीवन पर ध्यान केंद्रित करना

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इसके भवन के मैदान पर

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परलोक से विमुख होना और उस पर विश्वास न करना

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या फिर इसे अदृश्य मानकर ख़ारिज कर दें

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उन्नत मस्तिष्क को इस पर विश्वास नहीं करना चाहिए

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या फिर वह उसके लिए संसार के फूल, उसके सुखों और उसकी इच्छाओं को बाधित करता है
