उद्धरण

प्रकाशमय उद्धरण

हमने तुम्हें गवाह, शुभ सूचना देने वाला, सचेत करने वाला, ईश्वर की ओर बुलाने वाला, उसकी अनुमति से और प्रकाश देने वाला दीपक बनाकर भेजा है।
إنا أرسلناك شاهداً ومبشراً ونذيراً وداعياً إلى الله بإذنه وسراجاً منيراً
القرآن الكريم · سورة الأحزاب
▶ जीवनी के खजाने | शेख ओथमान अल-खामिस | एपिसोड (1) | परिचय
क्या हमने तुम्हारे लिए अपना सीना चौड़ा नहीं किया और तुम्हारे ऊपर से वह बोझ नहीं हटाया जो तुम्हारी पीठ पर बोझ था और तुम्हारे लिए तुम्हारी याददाश्त को बढ़ा दिया था?
ألم نشرح لك صدرك ووضعنا عنك وزرك الذي أنقض ظهرك ورفعنا لك ذكرك
القرآن الكريم · سورة الشرح
▶ जीवनी के खजाने | शेख ओथमान अल-खामिस | एपिसोड (1) | परिचय
मैंने तुम्हें कब्रों पर जाने से मना किया है, इसलिए उन पर जाओ, क्योंकि वे तुम्हें परलोक की याद दिलाते हैं
كنت نهيتكم عن زيارة القبور فزوروها فإنها تذكركم الآخرة
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (80)
रोज़ा तोड़ने और सुहूर में देरी करने तक लोग अभी भी ठीक हैं
لا يزال الناس بخير ما عجل الفطر وأخر السحور
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (79)
एक घंटा ऐसा होता है जिसमें एक मुस्लिम सेवक खड़े होकर प्रार्थना करते समय सर्वशक्तिमान ईश्वर से कुछ माँगने से सहमत नहीं होता है, लेकिन वह उसे दे देता है और उसे कम करने के लिए अपने हाथ से संकेत देता है।
فيه ساعة لا يوافقها عبد مسلم وهو قائم يصلي يسأل الله تعالى شيئا إلا أعطاه إياه وأشار بيده يقللها
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (78)
यदि तुममें से कोई शुक्रवार को आये तो उसे स्नान करने दो
إذا جاء أحدكم الجمعة فليغتسل
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (76)
यदि तुममें से कोई अपनी मस्जिद में नमाज़ पढ़ता है, तो उसे अपने घर को अपनी प्रार्थनाओं का हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि ईश्वर उसकी प्रार्थनाओं से उसके घर में अच्छाई लाएगा।
إذا قضا أحدكم الصلاة في مسجده فليجعل لبيته نصيبا من صلاته فإن الله جاعل في بيته من صلاته خيرا
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (75)
रात को अपनी आखिरी प्रार्थना अजीब करो
اجعلوا آخر صلاتكم بالليل وترا
النبي صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (74)
जब ईश्वर के दूत, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, आखिरी रकअत में बैठे, तो उन्होंने अपना बायां पैर आगे बढ़ाया, दूसरा पैर ऊपर रखा और अपनी सीट पर बैठ गए।
كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا جلس في الركعة الأخيرة قدم رجله اليسرى ونصب الأخرى وقعد على مقعدته
أبو حميد الساعدي · رواه البخاري
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (73)
यदि तुम में से कोई मस्जिद में प्रवेश करे तो कहे, "हे ईश्वर, मेरे लिए अपनी दया के द्वार खोल दे।" और यदि वह चला जाए, तो कहे, "हे परमेश्वर, मैं तुझ से विनती करता हूं।"
إذا دخل أحدكم المسجد فليقل اللهم افتح لي أبواب رحمته وإذا خرج فليقل اللهم إني أسألك من فضلك
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (72)
यदि तुम में से कोई अपने हाथ में काठी के पिछले भाग के समान कुछ रखता है, तो उसे प्रार्थना करने दो और इसकी परवाह मत करो कि उसके पीछे से कौन गुजरता है।
إِذَا وَضَعَ أَحَدُكُمْ بَيْنَ يَدَيْهِ مِثْلَ مُؤَخِّرَةٍ رَحْلٍ فَلْيُصَلِّ وَلَا يُبَالِ مَنْ مَرَّ وَرَاءَ ذَلِكِ
رسول الله صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (71)
जब प्रार्थना स्थापित हो जाए तो उसके पास दौड़कर न आएं बल्कि चलकर आएं और निश्चिंत रहें। जो कुछ भी तुम पाओ, प्रार्थना करो, और जो कुछ तुम चूक गए हो, उसे पूरा करो।
إذا أقيمت الصلاة فلا تأتوها تسعون وأتوها تمشون وعليكم السكينة فما أدركتم فصلوا وما فاتكم فأتموا
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (70)
क्या मैं तुम्हें ऐसी कोई चीज़ न बताऊँ जिसके द्वारा ईश्वर पाप मिटाता है और पद ऊँचा करता है? उन्होंने कहा, "हाँ, हे ईश्वर के दूत।" उन्होंने कहा, "कठिनाई के बावजूद पूरी तरह से स्नान करना, मस्जिदों में कई कदम चलना और प्रार्थना के बाद प्रार्थना का इंतजार करना, यही बंधन है।"
ألا أدلكم على ما يمح الله به الخطايا ويرفع به الدرجات قالوا بلى يا رسول الله قال إسباغ الوضوء على المكاره وكثرة الخطى إلى المساجد وانتظار الصلاة بعد الصلاة فذلكم الرباط
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (69)
यदि यह मेरे राष्ट्र के लिए कठिन न होता, तो मैंने उन्हें प्रत्येक प्रार्थना में सिवाक का उपयोग करने का आदेश दिया होता
لولا أن أشق على أمتي لأمرتهم بالسِواك عند كل صلاة
رسول الله صلى الله عليه وسلم · واتفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (68)
जो कोई इस वुज़ू के समान वुज़ू करेगा और फिर अपनी परवाह किए बिना दो रकअत नमाज़ पढ़ेगा, उसके पिछले पाप माफ कर दिए जाएंगे।
من توضأ نحو وضوء هذا ثم صلى ركعتين لا يحدث فيه ما نفسه غفر له ما تقدم من ذنبه
النبي صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (66)
यदि तुम मुअज़्ज़िन को सुनो, तो जैसा वह कहता है वैसा ही कहो, फिर उसके लिए प्रार्थना करो, क्योंकि जो कोई मेरे लिए प्रार्थना करेगा, ईश्वर उसके लिए दस बार प्रार्थना करेगा।
إذا سمعتم المؤذِّن فقولوا مثل ما يقول ثم صلوا عليه فإنه من صلى عليّ صلاةً صلى الله عليه بها عشرا
النبي صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (65)
जो कोई रात को अपमानित होता है और कहता है: कोई भगवान नहीं है, केवल भगवान ही है, जिसका कोई साझी नहीं है, उसी का प्रभुत्व है और उसी की प्रशंसा है, और वह हर चीज़ में सक्षम है। ईश्वर की स्तुति करो, ईश्वर की जय हो, ईश्वर महान है, और ईश्वर के अलावा कोई शक्ति या शक्ति नहीं है। फिर वह कहता है, "हे भगवान, मुझे माफ कर दो," या वह विनती करता है, "मैं उसे उत्तर दूंगा।" अगर वह वुज़ू करेगा और नमाज़ पढ़ेगा तो उसकी दुआ क़ुबूल होगी।
من تعار من الليل فقال لا إله إلا الله وحده لا شريك له له الملك وله الحمد وهو على كل شيء قدير الحمد لله وسبحان الله والله أكبر ولا حول ولا قوة إلا بالله ثم قال اللهم اغفر لي أو دعا أستجيب له فإن توضأ وصلى قبلت صلاته
النبي صلى الله عليه وسلم · رواه البخاري
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (60)
जब आप बिस्तर पर जाएं, तो प्रार्थना के लिए स्नान करें, फिर अपनी दाहिनी ओर लेटें
إذا أتيت مضجعك فتوضأ وضوءك للصلاة ثم اتجع على شقك الأيمن
النبي صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (59)
أَلَا أَدُلُّكُمَا عَلَى مَا هُوَ خَيْرٌ لَكُمَا مِنْ خَادِمٍ إِذَا أَوَيْتُمَا إِلَى فِرَاشِكُمَا أَوْ أَخَذْتُمَا مَضَاجِعَكُمَا فَكَبِّرَا أَرْبَعًا وَثَلَاثِينَ وَسَبِّحَا ثَلَاثًا وَثَلَاثِينَ وَحْمَدَا ثَلَاثًا وَثَلَاثِينَ فَهَذَا خَيْرٌ لَكُمَا مِنْ خَادِمٍ
رسول الله صلى الله عليه وسلم · مُتَّفَقٌ عَلَيْهِ
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (58)
जो कोई छिपकली को पहले वार से मार डाले तो उसके लिए सौ नेकियाँ दर्ज की जाती हैं, और दूसरे में उससे कम, और तीसरे में उससे भी कम।
من قتل وزغاً في أول ضربة كُتِبَتْ لَهُ مِئَةُ حَسَنَةٍ وَفِي الثانِيَةِ دُونَ ذَلِكْ وَفِي الثَالِثَةِ دُونَ ذَلِكْ
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (56)
एक आदमी सड़क पर जा रहा था, उसे सड़क पर एक कांटेदार शाखा मिली, इसलिए उसने देर कर दी, इसलिए भगवान ने उसे धन्यवाद दिया और उसे माफ कर दिया
بينما رجلٌ يمشي بطريق وجد غُصن شوكٍ على الطريق فأخّره فشكر الله له فغفر له
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (54)
رحم الله رجلاً سمحاً إذا باعى وإذا اشترى وإذا اقتضى
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه البخاري
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (53)
سبعةٌ يظلهم الله في ظله يوم لا ظلة إلا ظله وذكر منهم ورجلٌ ذكر الله خاليا ففاضت عيناه
النبي صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (51)
أنا وكافل اليتيم في الجنة ها كذا
النبي صلى الله عليه وسلم · رواه البخاري
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (49)
الفِطْرَةُ خَمْسٌ أو خمسٌ من الفِطْرَة الختان والاستحداد ونتفو الإبط وتقليم الأظفار وقص الشارب
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (48)
मेरे लिए एक लड़का पैदा हुआ था, इसलिए मैं उसे पैगंबर के पास ले आया, भगवान की प्रार्थना और शांति उस पर हो, और उन्होंने उसका नाम इब्राहिम रखा। उसने उसे खजूर चबाया और उसके आशीर्वाद के लिए प्रार्थना की।
وُلِدَ لي غُلَامٍ فأتيت به النبي صلى الله عليه وسلم فسمَّاه إبراهيم فحنَّكَهُ بِتَمْرَةٍ وَدَعَى لَهُ بِالْبَرَكَةٍ
أبو موسى الأشعري · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (45)
यदि तुम में से कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, तो जान ले कि वह उस से प्रेम रखता है
إذا أحب أحدكم أخاه فليعلمه أنه يحبه
النبي صلى الله عليه وسلم · رواه أحمد
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (40)
जम्हाई लेना शैतान की ओर से है। यदि तुम में से कोई जम्हाई लेता है, तो जितना हो सके उसे रोके, क्योंकि यदि तुम में से कोई कहता है, "भगवान," शैतान हंसता है
التثاؤب من الشيطان فإذا تثاؤب أحدكم فليرده ما استطاع فإن أحدكم إذا قال الله ضحك الشيطان
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (39)
तीन बार अनुमति मांगें: यदि वह आपको अनुमति देता है, अन्यथा वापस लौट आएं
الاستئذان ثلاث فإن أذن لك وإلا فرجع
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | प्रकरण (37)
जो कोई अदृश्य के पीछे अपने भाई के लिए प्रार्थना करता है राजा ने उसे सौंपते हुए कहा आमीन और आपके पास भी वैसा ही है
من دعا لأخيه بظهر الغيب قال الملك الموكل به آمين ولك بمثل
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (35)
ऐ ख़ुदा, मैं तुझसे उसकी भलाई माँगता हूँ, जो उसमें है उसकी भलाई, और जिसके साथ तू भेजा गया है उसकी भलाई माँगता हूँ, और मैं उसकी बुराई से, जो इसमें है उसकी बुराई से, और जिसके साथ तू भेजा गया है उसकी बुराई से तेरी शरण माँगता हूँ।
اللهم إني أسألك خيرها وخير ما فيها وخير ما أرسلت به وأعوذ بك من شرها وشر ما فيها وشر ما أرسلت به
النبي صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | प्रकरण (34)
यदि कोई व्यक्ति अपने घर में प्रवेश करता है और जब वह प्रवेश करता है और जब वह खाता है तो सर्वशक्तिमान ईश्वर का उल्लेख करता है, शैतान कहता है, "तुम्हें न तो नींद आती है और न ही रात का खाना।" और यदि वह प्रवेश करता है और प्रवेश करते समय परमेश्वर का उल्लेख नहीं करता, तो शैतान कहता है, "तुमने रात बिताई।" और यदि वह भोजन करते समय परमेश्वर का उल्लेख न करे, तो कहता है, कि तू ने रात और भोजन कर लिया।
إذا دخل الرجل بيته فذكر الله عز وجل عند دخوله وعند طعامه قال الشيطان لا مبيت لكم ولا عشاء وأذا دخل فلم يذكر الله عند دخوله قال الشيطان أدركتم المبيت وأذا لم يذكر الله عند طعامه قال أدركتم المبيت والعشاء
النبي صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (31)
हे भगवान, हमें एक लाभकारी आपदा प्रदान करें
اللهم صيبا نافعا
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه البخاري
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (30)
यदि आप मुर्गे की बांग सुनते हैं, तो भगवान से उसकी कृपा मांगें, क्योंकि उसने एक स्वर्गदूत देखा है, और यदि आप गधे को रेंकते हुए सुनते हैं, तो शैतान से भगवान की शरण लें, क्योंकि उसने शैतान देखा है।
إذا سمعتم صياح الديك فاسألوا الله من فضله فإنها رأت ملكا وأذا سمعتم نهيق الحمار فتعوذوا بالله من الشيطان فإنها رأت شيطانا
النبي صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (29)
अपने शरीर के उस हिस्से पर अपना हाथ रखें जहाँ दर्द होता है और तीन बार भगवान का नाम लें और सात बार कहें कि मैं जो कुछ भी पाता हूँ उसकी बुराई से भगवान और उसकी शक्ति की शरण लेता हूँ और सावधान रहें।
ضع يدك على الذي يألم من جسدك وقل بسم الله ثلاثا وقل سبع مرات أعوذ بالله وقدرته من شر ما أجد وأحاذر
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (28)
ईश्वर की इच्छा है तो शुद्धिकरण में कुछ भी गलत नहीं है
لا بأس طهور إن شاء الله
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه البخاري
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (27)
यदि तुम में से कोई छींकता है, तो वह कहे, “परमेश्वर की स्तुति करो,” और उसके भाई या मित्र से कहे, “परमेश्वर तुम पर दया करे।” और यदि वह उस से कहे, कि परमेश्वर तुझ पर दया करे, तो वह कहे, कि परमेश्वर तुझे मार्ग दिखाए, और तेरे मन को शान्ति दे।
إذا عطس أحدكم فليقل الحمد لله وليقل له أخوه أو صاحبه يرحمك الله فإذا قال له يرحمك الله فليقل يهديكم الله ويصلح بالكم
النبي صلى الله عليه وسلم · رواه البخاري
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | प्रकरण (26)
ईश्वर के दूत, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, हर समय ईश्वर को याद करते थे
كان رسول الله صلى الله عليه وسلم يذكر الله على كل أحيانه
عائشة رضي الله عنها · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (24)
भगवान को कुछ भी मंजूर नहीं था. उन्होंने एक खूबसूरत आवाज़ वाले नबी को क़ुरान गाने और उसे ज़ोर से पढ़ने की इजाज़त दी
ما أذن الله لشيء ما أذن لنبي حسن الصوت يتغنى بالقرآن يجهر به
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (23)
क़ुरआन पढ़ो, क्योंकि वह क़यामत के दिन अपने साथियों के लिए मध्यस्थ बनकर आएगा
إقرأ القرآن فإنه يأتي يوم القيامة شفيعة لأصحابه
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (22)
आशूरा के दिन उपवास करना, यह आशा करते हुए कि भगवान पिछले वर्ष के लिए प्रायश्चित करेंगे
صيام يوم عاشورا احتسب على الله أن يكفر السنة التي قبله
رسول الله صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (18)
अरे बेटा! भगवान भला करे और सब अपने दाहिने हाथ से और निम्नलिखित सभी
يا غلام سم الله وكل بيمينك وكل مما يليك
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (16)
अनस के अधिकार पर, भगवान उससे प्रसन्न हो सकते हैं On the authority of the Prophet, may God bless him and grant him peace उन्होंने एक आदमी को खड़े होकर शराब पीने से मना किया
عن أنس رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم أنه نهى أن يشرب الرجل قائما
النبي صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (14)
इसलिए जब तुम में से कोई जूते पहने, तो दाहिने हाथ से शुरू करे, और यदि उतारे, तो बाएँ हाथ से शुरू करे, और दोनों को पहने, या एक साथ उतार दे।
إِذَنْ تَعَلَ أَحَدُكُمْ فَلْيَبْدَأْ بِالْيُمْنَا وَأِذَا خَلَعَ فَلْيَبْدَأْ بِالْشِمَالِ وَلْيُنْعِلْهُمَا جَمِيعًا أوْ لِيَخْلَعْهُمَا جَمِيعًا
رسول الله صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (13)
हे परमेश्वर, तेरी स्तुति हो, तू ने मुझे पहिनाया है। मैं तुझ से इसकी भलाई और जो कुछ इसने किया है उसकी भलाई माँगता हूँ, और मैं इसकी बुराई और जो कुछ इसने किया है उसकी बुराई से तेरी शरण चाहता हूँ।
اللهم لك الحمد أنت كسوتني أسألك من خيره وخير ما صني عليه وأعوذ بك من شره وشر ما صني عليه
رسول الله صلى الله عليه وسلم · عن أبي سعيد الخدري
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (12)
अराफा के दिन उपवास करने से यह आशा की जाती है कि ईश्वर इससे पहले के वर्ष और उसके बाद के वर्ष के लिए प्रायश्चित करेगा
صيام يوم عرفة احتسب على الله أن يكفر السنة التي قبله والسنة التي بعده
رسول الله صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (11)
जब भी पैगंबर, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, किसी यात्रा से लौटते थे, तो वह मस्जिद से शुरुआत करते थे और वहां प्रार्थना करते थे
كان النبي صلى الله عليه وسلم إذا قدم من السفر بدأ بالمسجد فصلّى فيه
كعب بن مالك رضي الله عنه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (9)
यदि तीन व्यक्ति यात्रा पर निकलें तो उनमें से एक को नियुक्त कर लें
إذا خرج ثلاثةٌ في سفر فليؤمروا أحدهم
رسول الله صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (8)
मेरे दोस्त ने मुझे तीन चीजें करने की सलाह दी जिन्हें मैं मरने तक नहीं छोड़ूंगा: हर महीने के तीन दिन उपवास करना, दोपहर की नमाज़ और वित्र की नमाज़ के बाद सोना।
أوصاني خليلي بثلاثٍ لا أدعهن حتى أموت صوم ثلاثة أيامٍ من كل شهر وصلاةُ الضحا ونومٌ على وتر
أبي هريرة
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (6)
कोई भी मुसलमान किसी विपत्ति से पीड़ित नहीं है और वह वही कहता है जो ईश्वर ने आदेश दिया है हम अल्लाह के हैं और उसी की ओर लौटेंगे हे भगवान, मेरी विपत्ति में मुझे पुरस्कृत करो और मेरे लिए एक बेहतर छोड़ दो जब तक ईश्वर उसे इससे बेहतर कुछ न दे दे
ما من مسلم تصيبه مصيبة فيقول ما أمره الله إنا لله وإنا إليه راجعون اللهم أجرني في مصيبتي وأخلف لي خيرا منها إلا أخلف الله له خيرا منها
رسول الله صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (5)
जब वह फज्र की नमाज़ पढ़ता था, तो सूरज उगने तक प्रार्थना में बैठा रहता था
كان إذا صلى الفجر جلس في مصله حتى تطلع الشمس
النبي صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (4)
जब ईश्वर के दूत, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, आखिरी रकअत में बैठते थे, तो वह अपना बायां पैर आगे बढ़ाते थे, दूसरा पैर रखते थे और अपनी सीट पर बैठते थे।
كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمًا إِذَا جَلَسَ فِي الْرَكْعَةِ الْآخِرَةِ قَدَّمَ رِجْلَهُ الْيُسْرَى وَنَصَبَ الْأُخْرَى وَقَعَدَ عَلَى مَقْعَدَتهِ
أبو حميد الساعدي
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (3)
पैगंबर, भगवान की प्रार्थना और शांति उन पर हो, एक सा' से पांच मुड्डे तक स्नान करते थे, और एक साअ' से पांच मुड्डे तक स्नान करते थे, और मुड्डे के साथ लेटते थे
كان النبي صلى الله عليه وسلم يغتسل بالصاع إلى خمسة أمداد ويتوضع بالمد
أنس رضي الله عنه
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | प्रकरण (2)
यदि कोई व्यक्ति मर जाता है, तो उसका काम तीन चीजों को छोड़कर बंद हो जाता है: चल रहा दान, लाभकारी ज्ञान, या एक धर्मी बच्चा जो उसके लिए प्रार्थना करता है।
إذا مات الإنسان إن قطع عمله إلا من ثلاث إلا من صدقةٍ جارية أو علمٍ ينتفع به أو ولدٍ صالحٍ يدعو له
رسول الله صلى الله عليه وسلم
▶ भविष्यसूचक परंपराएँ स्थापित कीं | एपिसोड (1)
और उसने तुम्हारे लिये वस्त्र बनाये भगवान आपकी रक्षा करें और सरबिल तुम्हारी शक्ति से तुम्हारी रक्षा करेगा
وجعل لكم سرابيل تقيكم الحر وسرابيل تقيكم بأسكم
القرآن الكريم · سورة النحل
▶ रियाद अल-सालेहिन | एपिसोड (100) | ड्रेस बुक
अपने सफेद कपड़े पहनें यह आपके सबसे अच्छे कपड़ों में से एक है और अपने मृतकों को इसमें कफ़न करो
إلبسوا من ثيابكم البيض فإنها من خير ثيابكم وكفنوا فيها موتاكم
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه أبو داود والترمذي
▶ रियाद अल-सालेहिन | एपिसोड (100) | ड्रेस बुक
अंडे पहनें यह अधिक शुद्ध और बेहतर है और अपने मृतकों को इसमें कफ़न करो
إلبسوا البيض فإنها أطهر وأطيب وكفنوا فيها موتاكم
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه النساء
▶ रियाद अल-सालेहिन | एपिसोड (100) | ड्रेस बुक
एक भोजन दो लोगों के लिए पर्याप्त है दो लोगों का भोजन चार लोगों के लिए पर्याप्त है चार लोगों का भोजन आठ लोगों के लिए पर्याप्त है
طعام الواحد يكفي الاثنين وطعام الاثنين يكفي الأربعة وطعام الأربعة يكفي الثمانية
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه مسلم
▶ रियाद अल-सालेहिन | एपिसोड (99) | भोजन पर कई हाथ रखने का अध्याय
لا تشربوا واحدا كشرب البعير ولكن اشربوا مثنى وثلاث وسموا إذا أنتم شربتم وحمدوا إذا أنتم رفعتم
رسول الله صلى الله عليه وسلم · رواه الترمذي
▶ रियाद अल-सालेहिन | एपिसोड (99) | भोजन पर कई हाथ रखने का अध्याय
ठीक है तो ठीक है
الأيمن فالأيمن
رسول الله صلى الله عليه وسلم · متفق عليه
▶ रियाद अल-सालेहिन | एपिसोड (99) | भोजन पर कई हाथ रखने का अध्याय