उद्धरण
प्रकाशमय उद्धरण
प्रलोभन की स्थितियों से सावधान रहें। यह कहा गया था, "प्रलोभन की स्थिति क्या है, हे अबू अब्दुल्ला?" उन्होंने कहा, "उमराह के अध्याय।" तुममें से एक व्यक्ति राजकुमार के पास आता है और उसे झूठ मानता है और कुछ ऐसी बात कहता है जो उसमें नहीं है।
إياكم ومواقف الفتن قيل وما مواقف الفتن يا أبا عبد الله قال أبواب العمراء يدخل أحدكم على الأمير فيصدقه بالكذب ويقول ما ليس فيه
जो लोग सुल्तान की सेवा करते हैं, उन्हें उनसे धोखा नहीं खाना चाहिए यदि वे उससे संतुष्ट हैं, न ही उन्हें अपना मन बदलना चाहिए यदि वे उससे अप्रसन्न हैं, न ही उन्हें उन चीज़ों का बोझ उठाना चाहिए जो वे ले जाते हैं, न ही उन्हें उनके अनुरोधों में संकोच करना चाहिए।
ينبغي لمن خدم السلطان ألا يغتر بهم إذا رضوا عنه ولا يتغير لهم إذا سخطوا عليه ولا يستثقل ما حملوا ولا يلحف في مسألتهم
जो कोई किसी हाकिम के सामने हो और वह किसी ऐसे मामले का आदेश दे जो ठीक नहीं है और उसे डर नहीं है कि वह चूक जाएगा, तो वह उस हालत में उससे इस बारे में बात न करे और उसे अपने साथ अकेला रहने दे। और यदि तू उसे किसी ऐसे मामले का आदेश देता हुआ देखे जिसके छूट जाने का भय हो, तो अवश्य उससे कहना, और जो कुछ तुझ पर बीती है उसका फल तुझे भुगतना पड़ेगा।
من حضر سلطانا فأمر بأمر ليس بحق ولا يتخوف فيه الفوت فلا يكلمه فيه عند تلك الحال وليخل به وإذا رأيته يأمر بأمر يخاف فيه الفوت فلا بد لك من كلامه أصابك منه ما أصابك
जुनून एक पूजित देवता है
الهوى إله معبود
क्या तुमने उसे देखा है जो अपनी इच्छाओं को ही अपना भगवान मानता है?
أفرأيت من اتخذ إلهه هواه
आपका प्रयास ही आपका जुनून है
جهادك هواك
उन लोगों में से मत बनो जो सत्य का अनुसरण करते हैं यदि वह उसकी इच्छाओं से मेल खाता है और यदि वह उसकी इच्छाओं के विपरीत है तो उसका विरोध करें। क्योंकि तुम ने जो सत्य का अनुसरण किया उसका बदला तुम्हें न दिया जाएगा, और जो तुम ने आज्ञा न मानी उसका दण्ड तुम्हें दिया जाएगा।
لا تكن ممن يتبع الحق إذا وافق هواه ويخالفه إذا خالف هواه فإذا أنت لا تثاب على ما اتبعته من الحق وتعاقب على ما خالفته
सबसे कठोर जिहाद अपनी इच्छाओं का जिहाद है। जो कोई अपने आप को उसकी इच्छाओं से रोकता है, उसे संसार और उसके कष्टों से छुटकारा मिल गया है और वह सुरक्षित हो गया है और इसके नुकसान से मुक्त हो गया है।
أشد الجهاد جهاد الهوى من منع نفسه هواها فقد استراح من الدنيا وبلائها وكان محفوظا ومعافا من أذاها
तर्कसंगत व्यक्ति को पता होना चाहिए कि राय और झुकाव परस्पर अनन्य हैं, और यह लोगों का काम है कि वे राय को टालें और झुकाव में मदद करें। इसलिए वह इसका खंडन करता है और अपनी प्रवृत्तियों और प्रवृत्तियों को दूर रखना चाहता है और अपनी राय को उदासीन रखना चाहता है।
على العاقل أن يعرف أن الرأي والهوى متعاديان وأن من شأن الناس تسويف الرأي وإسعاف الهوى فيخالف ذلك ويلتمس أن لا يزال هواه مسوفا ورأيه مسعفا
यदि दो चीजें आपके पास आती हैं, यानी दो चीजें आपको आश्चर्यचकित करती हैं, और आप नहीं जानते कि उनमें से कौन सी सही है, तो देखें कि उनमें से कौन सी आपकी इच्छाओं के करीब है और असहमत हैं, क्योंकि जो सही है वह ज्यादातर इच्छाओं के विपरीत है।
إذا بدهك أمران أي فاجأك أمران لا تدري أيهما أصوب فانظر أيهما أقرب إلى هواك فخالف فإن أكثر الصواب في خلاف الهوى
पाखंडी उसकी बुद्धि को नहीं समझता और उसके प्रलोभन पर विश्वास नहीं करता
المراء لا تعقل حكمته ولا تؤمن فتنته
अभ्यास जारी न रखना आपके लिए काफी पाप है
كفى بك إثما ألا تزال مماريا
यदि ईश्वर किसी लोगों के लिए बुराई चाहता है, तो वह उनके खिलाफ दलीलें देगा और उन्हें कुछ भी करने से रोकेगा
إذا أراد الله بقوم شرا فتح عليهم الجدل ومنعهم العمل
पाखंड से सावधान रहें, क्योंकि यह संसार की अज्ञानता का समय है, और इसके माध्यम से शैतान अपनी चाल चाहता है
إياكم والمراء فإنها ساعة جهل العالم وبها يبتغي الشيطان زلته
अनुसरण करो और नवप्रवर्तन मत करो, क्योंकि तुमने प्रत्येक नवप्रवर्तन को उसकी छायाओं से भर दिया है।
اتَّبِعُوا وَلَا تَبْتَدِعُوا فَقَدْ كُفِيتُمْ كلُّ بِدْعَةٍ ظَلَالَه
तो आपने उनसे क्या कहा? उन्होंने कहा मैंने उनसे कुछ नहीं कहा आपकी राय का इंतजार है फिर वह तब तक चलता रहा जब तक कि वह उन छल्लों में से एक के पास नहीं आ गया वह उनके ऊपर खड़ा हो गया और बोला यह मैं तुम्हें क्या करते हुए देख रहा हूँ? उन्होंने कहा हे अबू अब्दुल रहमान! कंकड़-पत्थर जिन्हें हम महिमामंडित करने, महिमामंडित करने और महिमामंडित करने का वादा करते हैं उन्होंने कहा इसलिए अपने बुरे कर्मों को गिनें मैं गारंटी देता हूं कि आपके अच्छे कर्मों में से कुछ भी नष्ट नहीं होगा और शासन करो, हे मुहम्मद के राष्ट्र! मैंने तुम्हें कितनी जल्दी नष्ट कर दिया आपके पैगंबर के ये साथी, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, उपलब्ध हैं और ये कपड़े घिसे नहीं और उसका अहंकार नहीं टूटा उसके द्वारा जिसके हाथ में मेरी आत्मा है हो सकता है कि आप ऐसे धर्म का पालन कर रहे हों जो मुहम्मद के धर्म से अधिक निर्देशित हो, भगवान उसे आशीर्वाद दें और उसे शांति प्रदान करें या फिर गुमराही का दरवाज़ा खोल देते हैं उन्होंने कहा भगवान के द्वारा, अबू अब्दुल रहमान हम केवल अच्छा चाहते थे उन्होंने कहा कितने लोग हैं जो अच्छाई चाहते हैं उन्हें वह नहीं मिलेगी ईश्वर के दूत, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, हमें बताया ऐसे लोग हैं जो क़ुरान पढ़ते हैं लेकिन यह उनके गले से आगे नहीं बढ़ता भगवान भला करे मैं नहीं जानता, हो सकता है कि उनमें से अधिकांश आपमें से हों
فماذا قلت لهم
قال
ما قلت لهم شيئا
انتظار رأيك
ثم مضى حتى أتى حلقة من تلك الحلق
فوقف عليهم فقال
ما هذا الذي أراكم تصنعون
قالوا
يا أبا عبد الرحمن
حصى نعد به التكبير والتهليل والتسبيح
قال
فعدوا سيئاتكم
فأنا ضامنٌ ألا يضيع من حسناتكم شيء
ويحكم يا أمة محمد
ما أسرع هلكتكم
هؤلاء صحابة نبيكم صلى الله عليه وسلم متوافرون
وهذه ثيابه لم تبلى
وأنيته لم تكسر
والذي نفسي بيده
إنكم لعلى ملة هي أهدا من ملة محمد صلى الله عليه وسلم
أو مفتتحوا باب ضلالة
قالوا
والله يا أبا عبد الرحمن
ما أردنا إلا الخير
قال
وكم من مريد للخير لن يصيبه
إن رسول الله صلى الله عليه وسلم حدثنا
أن قوما يقرأون القرآن لا يجاوز تراقيهم
ويم الله
ما أدري لعل أكثرهم منكم
शैतान को विधर्म पाप से भी अधिक प्रिय है। अपराध एक पाप है जिससे वह तौबा करता है, और विधर्म से तौबा नहीं करता
البدعة أحب إلى إبليس من المعصية المعصية يتاب منها والبدعة لا يتاب منها
जो कोई किसी नवीनता के बारे में सुनता है उसे उसे अपने मिलने वालों को नहीं बताना चाहिए या उसे अपने दिल में नहीं रखना चाहिए
من سمع ببدعة فلا يحكها لجلسائه لا يلقها في قلوبهم
सलाफ़ के अधिकांश इमामों ने इस चेतावनी का पालन किया, यह देखते हुए कि दिल कमज़ोर हैं और संदेह धोखेबाज़ हैं
أكثر أئمة السلف على هذا التحذير يرون أن القلوب ضعيفة والشبه خطافة
क्योंकि मेरा रब सर्वशक्तिमान क़ियामत के दिन मुझसे पूछेगा और कहेगा, हे मुतर्रिफ़, क्या मैंने वह काम नहीं किया जो मुझे इससे अधिक प्रिय है कि वह कहे, "मैंने ऐसा क्यों किया?"
لأن يسألني ربي عز وجل يوم القيامة فيقول يا مطرف ألا فعلت أحب إلي من أن يقول لما فعلت
लोग कुरान के समान के आधार पर आपसे बहस करते हैं, इसलिए उन्हें सुन्नतों के आधार पर लें, क्योंकि सुन्नतों के लेखक सर्वशक्तिमान ईश्वर की किताब के बारे में अधिक जानकार हैं
إن ناسا يجادلونكم بشبه القرآن فخذوهم بالسنن فإن أصحاب السنن أعلم بكتاب الله عز وجل
मनमौजी लोगों के साथ मत बैठो, क्योंकि उनके साथ बैठने से दिलों को पोषण मिलता है
لا تجالس أهل الأهواء فإن مجالستهم ممرضة للقلوب
जब भी कोई नवप्रवर्तक अपना परिश्रम बढ़ाता है, तो वह सर्वशक्तिमान ईश्वर से अपनी दूरी बढ़ा लेता है
ما زداد صاحب بدعة اجتهادا إلا زاد من الله عز وجل بعدا
क्योंकि सूअरों के साथ बैठना मुझे किसी अभिलाषी मनुष्य के साथ बैठने से अधिक प्रिय है
لأن أجالس الخنازير أحب إلي من أن أجالس أحدا من أهل الأهواء
यदि आप किसी रास्ते पर किसी नवप्रवर्तक से मिलते हैं, तो दूसरा रास्ता अपना लें
إذا لقيت صاحب بدعة في طريق فخذ في غيره
मैंने हुदैबियाह के समय अबू बक्र से कहा, भगवान उस पर प्रसन्न हों: हे अबू बक्र, क्या यह वास्तव में भगवान का पैगंबर नहीं है? उन्होंने कहा हाँ।" मैं ने कहा, क्या हम सत्य पर और हमारे शत्रु झूठ पर नहीं हैं? उन्होंने कहा हाँ।" मैंने कहा, "फिर हम अपने धर्म को यह सांसारिक मूल्य क्यों देते हैं?" उन्होंने कहा, "हे मनुष्य, यह ईश्वर के दूत का है, ईश्वर उसे आशीर्वाद दे और उसे शांति प्रदान करे, और वह अपने भगवान की अवज्ञा नहीं करता है, और वह उसका समर्थक है।" इसलिए उसकी जड़ों को पकड़ो, क्योंकि ईश्वर के सौजन्य से, वह सत्य पर है।
قلت لأبي بكر رضي الله عنه زمن الحديبية يا أبا بكر أليس هذا نبي الله حقا؟ قال بلى قلت ألسنا على الحق وعدونا على الباطل؟ قال بلى قلت فلم نعطي الدنية في ديننا إذن؟ قال أيها الرجل إنه لرسول الله صلى الله عليه وسلم وليس يعصي ربه وهو ناصره فاستمسك بغرزه فوالله إنه على الحق
उमर, भगवान उस पर प्रसन्न हों, मेरे बगल में बैठे और कहा, "मैंने फैसला किया है कि मुसलमानों के बीच इसे विभाजित किए बिना इसमें कोई पीला या सफेद काबा नहीं छोड़ूंगा।" मैंने कहा, "आप अभिनेता नहीं हैं।" उन्होंने कहा, ''जब मैंने कहा तो आपके दोनों साथियों ने ऐसा नहीं किया.'' उन्होंने कहा, "वे कुरान का अनुसरण करने वाले लोग हैं।"
جلس إلي عمر رضي الله عنه فقال لقد هممت ألا أدع فيها أي للكعبة صفراء ولا بيضاء إلا قسمتها بين المسلمين قلت ما أنت بفاعل قال لما قلت لم يفعله صاحباك قال هم المرآن يقتدى بهما
आपको ज्ञान को जब्त करने से पहले हासिल करना होगा, और इसकी जब्ती इसके साथियों को छीन सकती है। तुम्हारे पास ज्ञान अवश्य होना चाहिए, क्योंकि तुम में से कोई नहीं जानता कि उसे कब इसकी घटी हो जाएगी, या जो उसके पास है उसकी घटी हो जाएगी। आपको ऐसे लोग मिलेंगे जो दावा करते हैं कि वे आपको ईश्वर की किताब की ओर बुलाते हैं, लेकिन उन्होंने इसे अपनी पीठ के पीछे छोड़ दिया है। इसलिए आपको ज्ञान की खोज करनी चाहिए, नवीनता से सावधान रहना चाहिए, अतिशयोक्ति से सावधान रहना चाहिए, गहराई में जाने से सावधान रहना चाहिए और पुराने से सावधान रहना चाहिए।
عليكم بالعلم قبل أن يقبض وقبضه أن يذهب بأصحابه عليكم بالعلم فإن أحدكم لا يدري متى يفتقر إليه أو يفتقر إلى ما عنده إنكم ستجدون أقواما يزعمون أنهم يدعونكم إلى كتاب الله وقد نبذوه وراء ظهورهم فعليكم بالعلم وأياكم والتبدع وأياكم والتنطع وأياكم والتعمق وعليكم بالعتيق
क्या आपको डर नहीं है कि आपको दंडित किया जाएगा या आपको अपमानित किया जाएगा यदि आप कहते हैं कि भगवान के दूत, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, कहा, और ऐसा कहा?
أما تخافون أن تعذبوا أو يخسف بكم أن تقولوا قال رسول الله صلى الله عليه وسلم وقال فلان
डरो मत, क्योंकि ईश्वर के दूत, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, ने डराने से मना किया और कहा कि इसके साथ कोई खेल नहीं पकड़ा जा सकता है, न ही इससे किसी दुश्मन को नुकसान पहुंचाया जा सकता है, लेकिन यह एक दांत तोड़ सकता है और एक आंख निकाल सकता है।
لا تخذف فإن رسول الله صلى الله عليه وسلم نهى عن الخذف وقال إنه لا يصاد به صيد ولا ينكى به عدو ولكنها قد تكسر السن وتفقأ العين
उन्होंने काटने से मना किया और कहा कि इससे कोई खेल पकड़ा नहीं जा सकता या किसी दुश्मन को नुकसान नहीं हो सकता, लेकिन इससे दांत टूट सकता है और आंख निकल सकती है।
نهى عن الخذف وقال إنه لا يصاد به صيد ولا ينكى به عدو ولكنها قد تكسر السن وتفقأ العين
मैं आपको ईश्वर के दूत के बारे में बताता हूं, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दे और उन्हें शांति प्रदान करे, कि उन्होंने काटने से मना किया और जब आप काट रहे हैं, तो मैं आपसे ऐसी-ऐसी बात नहीं करूंगा।
أحدثك عن رسول الله صلى الله عليه وسلم أنه نهى عن الخذف وأنت تخذف لا أكلمك كذا وكذا
यदि आपकी महिलाएँ मस्जिदों में प्रवेश के लिए आपसे अनुमति मांगती हैं तो उन्हें मस्जिदों में जाने से न रोकें
لا تمنع نساءكم المساجد إذا استأذنكم إليها
हे नगरों के समुदाय, ईमानदार बनो और उन लोगों के मार्ग पर चलो जो तुमसे पहले आए थे। ईश्वर की शपथ, यदि आप ईमानदार हैं, तो आप बहुत आगे बढ़ चुके हैं। यदि तुम दाएँ और बाएँ मुड़ते हो, तो तुम बहुत भटक गए हो।
يا معشر القرى استقيموا واخذوا طريق من كان قبلكم فوالله لأن استقمتم فقد سبقتم سبقا بعيدا فإن أخذتم يمينا وشمالا لقد ضللتم ضلالا بعيدا
سن رسول الله صلى الله عليه وسلم وولاة الأمر من بعده سننا الأخذ بها اتباع لكتاب الله تعالى واستكمال لطاعة الله تعالى وقوة على دين الله ليس لأحد من الخلق تغييرها ولا تبديلها ولن نظر في شيء خالفها من اهتدى بها فهو مهتد ومن استنصر بها فهو منصور ومن تركها اتبع غير سبيل المؤمنين وولاه الله ما تولى وأصلاه جهنم وساءة مصيرا
मुहम्मद के साथियों का अपमान न करें, क्योंकि उनमें से एक भी आप में से एक, उमर की कार्रवाई से एक घंटे भी बेहतर नहीं था
لا تسبوا أصحاب محمد فلم قام أحدهم ساعة خير من عمل أحدكم عمر
जब तक मुहम्मद के साथियों से उन्हें ज्ञान मिलता रहेगा, तब तक लोग अच्छे रहेंगे, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें और उनके बुजुर्गों को शांति प्रदान करें। यदि ज्ञान उनमें सबसे छोटे से आया है, तभी वे नष्ट हो जाते हैं।
لا يزال الناس بخير ما أتاهم العلم من قبل أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم وأكابرهم فإذا أتاهم العلم من قبل أصاغرهم فذلك حين هلكوا
स्वर्गदूतों की प्रार्थना जैसी प्रार्थना. ईश्वर की शपथ, आप हमसे अधिक प्रार्थना करते हैं, और हम आपसे बेहतर थे
صلاة كصلاة الملائكة والله لأنتم أكثر صلاة منا ولنحن كنا خيرا منكم
क्या मैं आपको उस कठिनाई के बारे में नहीं बताऊँ जिसका सामना आपके भाइयों, अर्थात साथियों, भगवान उनसे प्रसन्न हों, ने किया? इनमें से पहला तो यह था कि ईश्वर-मिलन उन्हें साक्षीभाव से भी अधिक प्रिय था। दूसरा यह कि वे शत्रुओं से नहीं डरते थे, चाहे वे छोटे हों या बड़े। तीसरी बात यह थी कि वे इस संसार में अभाव से नहीं डरते थे। उन्हें परमेश्वर पर भरोसा था कि वह उनका भरण-पोषण करेगा।
ألا أخبركم عن خلال كان عليها إخوانكم يعني الصحابة رضي الله عنهم أولها لقاء الله كان أحب إليهم من الشهد والثانية لم يكونوا يخافون عدوا قلوا أو كثروا والثالثة لم يكونوا يخافون عوزا من الدنيا كانوا واثقين بالله أن يرزقهم والرابع إن نزل به مطاعون لم يبرحوا حتى يقضي الله فيهم ما قضى
वे दिल से इस राष्ट्र के सबसे धर्मी, ज्ञान में सबसे गहरे और सबसे कम आत्म-त्याग करने वाले लोग थे, ऐसे लोग जिन्हें सर्वशक्तिमान ईश्वर ने अपने पैगंबर की संगति के लिए चुना था, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, इसलिए उन्होंने अपनी नैतिकता और तरीकों में उनका अनुकरण किया, क्योंकि वे, काबा के भगवान द्वारा, सीधे मार्गदर्शन पर थे।
إنهم كانوا أبر هذه الأمة قلوبا وأعمقها علما وأقلها تكلفا قوم اختارهم الله عز وجل لصحبة نبيه صلى الله عليه وسلم فتشبهوا بأخلاقهم وطرائقهم فإنهم ورب الكعبة على الهدى المستقيم
لم يدخر لكم شيء خبئ عن القوم لفضل عندكم
जिस चीज़ से मुझे तुम्हारे लिए सबसे ज़्यादा डर लगता है वह शिर्क और छिपी हुई इच्छाएँ हैं। उनसे कहा गया, "इस्लाम के बाद, आप हमारे लिए बहुदेववाद से डरते हैं।" उन्होंने कहा, "जब तक आप ईश्वर के साथ किसी अन्य ईश्वर को नहीं रखते, तब तक कोई बहुदेववाद नहीं है।"
أخوف ما أخاف عليكم الشرك والشهوة الخفية قيل له بعد الإسلام تخاف علينا الشرك قال ما من الشرك إلا أن تجعل مع الله إلها آخر
क्या जन्नत की चाबी नहीं है? कोई भगवान नहीं है भगवान के सिवा। उन्होंने कहा, "हां, लेकिन ऐसी कोई चाबी नहीं है जिसमें दांत न हों।" जो कोई दाँत निकाल कर द्वार के पास आता है, वह उसके लिये नहीं खुलेगा; और जो कोई दाँत निकालकर द्वार के पास नहीं आता, वह उसके लिये नहीं खुलेगा।
أليس مفتاح الجنة لا إله إلا الله قال بلى ولكن ليس من مفتاح إلا وله أسنان من أتى الباب بأسنانه فتح له ومن لم يأت الباب بأسنانه لم يفتح له
सर्वशक्तिमान ईश्वर द्वारा अपने बंदों को इससे बेहतर कोई आशीर्वाद नहीं दिया गया है कि वह उन्हें यह बताए कि ईश्वर के अलावा कोई ईश्वर नहीं है और इस दुनिया में पानी की तरह उनके लिए परलोक में ईश्वर के अलावा कोई ईश्वर नहीं है।
ما أنعم الله عز وجل على العباد نعمة أفضل من أن عرفهم لا إله إلا الله وإن لا إله إلا الله لهم في الآخرة كالماء في الدنيا
मैंने उमर से कहा, ईश्वर उससे प्रसन्न हो, "मेरे पास एक ईसाई मुंशी है।" उन्होंने कहा, "तुम्हारे साथ क्या मामला है? क्या तुमने भगवान को यह कहते नहीं सुना, 'हे विश्वास करने वालों, यहूदियों और ईसाइयों को एक दूसरे के सहयोगी के रूप में मत लो। क्या तुमने हनीफ लिया है?'" उन्होंने कहा, "हे वफादार के कमांडर, मेरा रिकॉर्ड मेरा है, और उसका धर्म है।" उन्होंने कहा, "मैं उनका सम्मान तब नहीं करता जब भगवान ने उनका अपमान किया है, न ही मैं उनका सम्मान तब करता हूं जब भगवान उन्हें अनुमति देते हैं, और न ही मेरा मतलब उनका तब होता है जब भगवान उन्हें बाहर कर देते हैं।"
قلت لعمر رضي الله عنه إن لي كاتبا نصرانية قال ما لك أما سمعت الله يقول يا أيها الذين آمنوا لا تتخذوا اليهود والنصارا أولياء بعضهم أولياء بعض أل اتخذت حنيفا قال قلت يا أمير المؤمنين لي كتابته وله دينه قال لا أكرمهم إذ أهانهم الله ولا أعزهم إذ أذن لهم الله ولا أدنيهم إذ أقصاهم الله
जो कोई भी अपने भगवान को जानता है वह उसकी क्षमा की आकांक्षा करता है और उसकी उदारता पर आशा रखता है, और जिसकी आप पूजा करते हैं वह भगवान के दोस्तों के लिए प्यार से अधिक प्यार से पूजा जाता है जैसा कि वे प्यार करते हैं, क्योंकि भगवान के दोस्तों से प्यार करना भगवान के लिए प्यार का सबूत है।
من عرف ربه طمع في عفوه ورجى فضله وما تعبد متعبد بأكثر من التحب إلى أولياء الله بما يحبون لأن محبة أولياء الله دليل على محبة الله
मैं ज़ियाद बिन हुदैर अल-असदी के साथ आया था, भगवान उस पर दया करें, सफाई कर्मचारी से, और सफाई कर्मचारी वह जगह है जहां वह गंदगी और गंदगी फेंकता है और घरों को साफ करता है। तो मैंने अपने शब्दों में कहा, "नहीं" और "ईमानदारी।" ज़ियाद रोने-पीटने लगा। मुझे लगा कि मैंने कुछ बहुत अच्छा किया है. मैंने उससे कहा, "क्या उसे इससे नफरत है?" उन्होंने कहा हाँ।" उन्होंने ईमानदारी की शपथ लेने से सख्त मनाही की।
أقبلت مع زياد بن حدير الأسدي رحمه الله من الكناسة والكناسة هي الموضع الذي يرما فيه التراب والأوساخ وما يكنس من المنازل فقلت في كلامي لا والأمانة فجعل زياد يبكي ويبكي فظننت أني أتيت أمرا عظيما فقلت له أكان يكره هذا قال نعم كان ينهى عن الحلف بالأمانة أشد النهي
ये हदीसें हमारे पास उन लोगों द्वारा लाई गईं जो ईश्वर के दूत के अधिकार पर सुन्नत लेकर आए, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति, प्रार्थना, उपवास, जकात और हज प्रदान करें। बल्कि, सर्वशक्तिमान ईश्वर ने हमें इन हदीसों से परिचित कराया।
إنما جاءنا بهذه الأحاديث من جاء بالسنن عن رسول الله صلى الله عليه وسلم الصلاة والصيام والزكاة والحج وإنما عرفنا الله عز وجل بهذه الأحاديث
सर्वशक्तिमान ईश्वर स्वर्ग में है, और उसका ज्ञान हर जगह है, और कोई भी स्थान उसके ज्ञान के बिना नहीं है
الله عز وجل في السماء وعلمه في كل مكان لا يخلو من علمه مكان
तीन लोगों के बीच कोई गुप्त बातचीत नहीं होती है लेकिन वह उनमें से चौथा है, न ही पाँच में से बल्कि वह उनमें से छठा है
ما يكون من نجوى ثلاثة إلا هو رابعهم ولا خمسة إلا هو سادسهم
इसका बराबर होना मालूम है, इसका कैसा होना गैर वाजिब है, इस बारे में पूछना एक नवीनता है, और इस पर विश्वास करना अनिवार्य है
الاستواء منه معلوم والكيف منه غير معقول والسؤال عن هذا بدعة والإيمان به واجب
इसे वैसे ही पढ़ें जैसे यह आया था
اقرأها كما جاءت
कौन सी भूमि मुझे ले जाएगी और कौन सा आकाश मुझे छाया देगा और मैं कहाँ जाऊँगा या मैं क्या करूँगा यदि मैं ईश्वर की पुस्तक की एक आयत में ईश्वर की मंशा के अलावा कुछ और कहूँ?
أيَّة أرض تقلني وأية سماء تظلني وأين أذهب أو كيف أصنع إذا أنا قلت في آية من كتاب الله بغير ما أراد الله بها
हम इस फल को जानते थे, लेकिन पिता के बारे में क्या? फिर वह अपने पास लौटा और आपकी उम्र से कहा: यह प्रभाव है, हे उमर
هذه الفاكهة قد عرفناها فما الأب ثم رجع إلى نفسه فقال لعمرك إن هذا لهو التكلف يا عمر
यह इस्लाम के शेखों, मार्गदर्शन के इमामों और ईश्वर के दूत के दो उत्तराधिकारियों के लिए आपके लिए पर्याप्त है, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दे और उन्हें शांति प्रदान करे, निर्देशित और सही ढंग से निर्देशित, सर्वशक्तिमान ईश्वर की पुस्तक से एक कविता की व्याख्या करने में उनकी रुकावट और अनिच्छा के लिए, और वे ईश्वर के दूत के बाद ईश्वर सर्वशक्तिमान के बारे में रचना के सबसे अधिक जानकार हैं, ईश्वर उन्हें आशीर्वाद दे और उन्हें शांति प्रदान करे, और उनके दूत, और ईश्वर की पुस्तक और इसकी व्याख्या। तो हम कुरान में बोले गए परम दयालु, सर्वशक्तिमान के गुणों की व्याख्या करने में मुअताज़िलियों, अशआरियों और बाकी गुमराह धर्मशास्त्रियों के दुस्साहस के बारे में क्या कह सकते हैं? इसे सिद्ध इमामों और भरोसेमंद विद्वानों द्वारा प्रसारित किया गया था
حسبك لشيخي الإسلام وأمامي الهدى وخليفتي رسول الله صلى الله عليه وسلم الهاديين الراشدين توقفهما وإحجامهما عن تفسير آية من كتاب الله جل وعز وهما أعلم الخلق بالله عز وجل بعد رسول الله صلى الله عليه وسلم وبرسوله وبكتاب الله وتأويله فماذا عسى أن نقول في جسارة المعتزلة والأشاعرة وبقية المتكلمين الضالين في تأويل صفات الرحمن عز وجل التي نطق بها القرآن ونقلها الأئمة الأثبات والعلماء الثقات
सर्वशक्तिमान ईश्वर की ओर से ज्ञान है, और रसूल पर ईश्वर उसे आशीर्वाद दे और उसे शांति प्रदान करे, यही संदेश है, और हम पर समर्पण है
من الله عز وجل العلم وعلى الرسول صلى الله عليه وسلم البلاغ وعلينا التسليم
उन्होंने इसका आदेश दिया क्योंकि यह बिना किसी स्पष्टीकरण के आया था
أمروها كما جاءت بلا تفسير
कैसे अनुचित है, उसके बराबर होना अज्ञात नहीं है, उस पर विश्वास करना एक कर्तव्य है, और उसके बारे में पूछना एक नवीनता है, और मुझे डर है कि तुम भटक रहे हो
الكيف غير معقول والاستواء منه غير مجهول والإيمان به واجب والسؤال عنه بدعة وإني لأخاف أن تكون ضالا
मैंने विशेषताओं की रिपोर्टों के बारे में सोचा, और मैंने देखा कि साथी, भगवान उन पर प्रसन्न हो सकते हैं, और अनुयायी, भगवान उन पर दया कर सकते हैं, अपने ज्ञान की ताकत के बावजूद उनकी व्याख्या के बारे में चुप थे, इसलिए मैंने उनकी चुप्पी का कारण देखा, और यह वर्णित की प्रतिष्ठा की ताकत थी, और क्योंकि उनकी व्याख्या भगवान को दृष्टांत पेश करने के अलावा नहीं आती है, और सर्वशक्तिमान ने कहा, "भगवान को दृष्टांत मत दो।"
تفكرت في أخبار الصفات فرأيت الصحابة رضي الله عنهم والتابعين رحمهم الله سكتوا عن تفسيرها مع قوة علمهم فنظرت السبب في سكوتهم فإذا هو قوة الهيبة للموصوف ولأن تفسيرها لا يتأتى إلا بضرب الأمثال لله وقد قال عز وجل فلا تضرب لله الأمثال
हम पैगंबर के साथ थे, भगवान उन्हें आशीर्वाद दें और उन्हें शांति प्रदान करें, जब हम छोटे लड़के थे। उसके कुरान सीखने से पहले हमने आस्था सीखी, फिर हमने कुरान सीखा और हम बढ़ते गए। उस पर विश्वास के साथ
كُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمْ وَنَحْنُ فِتْيَانٌ حَزَاوِرَةٌ فَتَعَلَّمْنَ الْإِيمَانَ قَبْلَ أَنَّ تَعَلَّمَ الْقُرْآنِ ثُمَّ تَعَلَّمْنَ الْقُرْآنِ فَازْدَدْنَا بِهِ إِيمَانًا