शृंखला से सुन्नियों की अवधारणाएँ (श्रृंखला पूरी)
· पाठ 654 में से 1251
सुन्नी अवधारणाओं का सारांश संकल्पना (652) | लापरवाही और मनमुटाव
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प्रतिलिपि
मशीनी अनुवाद — त्रुटियाँ संभव हैं
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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश
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लापरवाही और मनमुटाव
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लापरवाही बर्बादी और लापरवाही है
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और परलोक में उसकी सज़ा
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दिल टूटना और अफसोस
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सर्वशक्तिमान ईश्वर ने कहा
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जिन्होंने ईश्वर से मिलन को नकार दिया, वे हार गये
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यहाँ तक कि जब उनके पास अचानक घड़ी आ जाती है
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उन्होंने कहाः हमने जो कुछ उपेक्षित किया उसका हमें कितना खेद है
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यानी, जन्नत में जो काम हमसे छूट गया उसके लिए हमारा पछतावा और उसमें हमारी कमियाँ
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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश