शृंखला से सुन्नियों की अवधारणाएँ (श्रृंखला पूरी)
· पाठ 347 में से 1251
सुन्नी अवधारणाओं का सारांश संकल्पना (345) | जिसने सुनी बात तो समझ ली लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हुआ
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प्रतिलिपि
मशीनी अनुवाद — त्रुटियाँ संभव हैं
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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश
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जिसने सुनी बात तो समझ ली लेकिन उससे कोई फायदा नहीं हुआ
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जो कोई समझता है, परन्तु न सुनने से, न बुद्धि से उसे कुछ लाभ होता है
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ऐसा लगा जैसे उसने सुना ही नहीं, समझा ही नहीं
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नर्क के लोगों ने कहा
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यदि हमने सुना होता या तर्क किया होता तो हम ब्लेज़ के साथियों में से नहीं होते
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यह इनकार उनकी सुनने की क्षमता की खराबी और उनके दिमाग की भ्रष्टता के कारण है
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सुन्नी अवधारणाओं का सारांश